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बिहार सरकार ने ग्रामीण एसपी के अधिकार और कार्यक्षेत्र तय किए, पुलिसिंग व्यवस्था में मजबूती
- Reporter 12
- 13 Feb, 2026
बिहार। बिहार सरकार ने राज्य की ग्रामीण पुलिसिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए 11 जिलों में नियुक्त ग्रामीण एसपी के अधिकार और उनके कार्यक्षेत्र को स्पष्ट कर दिया है। गृह विभाग द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार अब गया, रोहतास, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, बेतिया, दरभंगा, सारण, बेगूसराय, मुंगेर और सहरसा जैसे प्रमुख जिलों के ग्रामीण इलाकों में थानों की निगरानी, अपराध नियंत्रण और अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी सीधे ग्रामीण एसपी के हाथों में होगी। साल 2022 में इन पदों के सृजन के बाद अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि कौन सा अनुमंडल और कौन सा थाना किस अधिकारी के अधीन रहेगा, ताकि प्रशासनिक कामों में किसी तरह का भ्रम न रहे। नई व्यवस्था के तहत गया के ग्रामीण एसपी 33 थानों की निगरानी करेंगे, रोहतास में 28 थाने, मुजफ्फरपुर में 24 थाने और बाकी जिलों में भी अनुमंडलों और थानों का स्पष्ट बंटवारा किया गया है। अब ग्रामीण एसपी पहले से अधिक पावरफुल होंगे और न केवल थानों का निरीक्षण और अपराध की समीक्षा करेंगे बल्कि अपने अधीन कार्यरत दारोगा, सिपाही और हवलदार को लापरवाही या अनुशासनहीनता पर सीधे सस्पेंड करने का अधिकार प्राप्त होगा। उन्हें सप्ताह में कम से कम एक बार पुलिस परेड में शामिल होना होगा और पेट्रोलिंग चार्ट की निगरानी खुद करनी होगी। इस व्यवस्था से जिला एसपी पर काम का बोझ कम होगा, जिससे वे शहरी और अन्य गंभीर मामलों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। ग्रामीण इलाकों के लोगों को अब पुलिस अधिकारियों तक सीधे पहुंच बनाने में आसानी होगी और किसी भी घटना की जांच में तेजी आएगी। गृह विभाग ने इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में अपराध नियंत्रण को बेहतर बनाना और पुलिसिंग को समयबद्ध और प्रभावी बनाना बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और नागरिकों के लिए न्याय व सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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